लोहरदगा, जनवरी 29 -- लोहरदगा, संवाददाता। नगर परिषद चुनाव में इस बार पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कई दावेदारों के सामने बड़ी बाधा खड़ा होने की उम्मीद है। झारखंड सरकार द्वारा ओबीसी प्रमाण पत्र के लिए 1978 के खतियान को अनिवार्य किए जाने के बाद आरक्षित वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई उम्मीदवारों की राह मुश्किल हो सकती है। नप चुनाव की घोषणा के साथ ही अंचल कार्यालय में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दावेदार पहुंचने लगे हैं, लेकिन खतियान आधारित नियम के कारण खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश से आकर दशकों से लोहरदगा में बसे परिवारों के लिए ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाना आसान नहीं रह गया है। ऐसे कई संभावित उम्मीदवार अब आरक्षित वार्ड से चुनाव लड़ने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं। लोहरदगा नगर परिषद में पिछड़ा वर्ग के लिए मात्र चार वार्ड आरक्षित हैं।

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