फतेहपुर, जून 5 -- बिंदकी। अस्पताल कड़े कायदे कानून के बाद भी लापरवाही के साथ खेल रचा जाता है। ओपीडी में चिकित्सकों के साथ एक कुर्सी में बैठे फार्मासिस्ट खुद को डॉक्टर समझकर मरीजों के मर्ज का इलाज कर दवाएं लिखने के साथ परहेज तक की नसीहत दी जाती है। यह भी पढ़ें- जिले में अनेक फर्जी पशु चिकित्सक, दिखाई पड़ें तो सूचना देंअस्पताल में गंभीरता बढ़ी ऐसे में ही बाहरी दवाओं का खेल फिर से तेजी के साथ फलता फूलता जा रहा है। यह भी पढ़ें- दवा दुकानदारों को चेतावनी, बिना पर्ची के पशुओं की दवाएं बेचने पर होगी कार्रवाईचेतावनी और कार्रवाई बता दे कि पूर्व में अधिकारियों की सख्त चेतावनी के बाद अस्पताल में नोटिस बोर्ड चस्पा कर बाहरी दवाएं लिखे जाने और शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की हिदायत भी बौनी साबित हो रही है। धड़ल्ले से बाहर की दवाएं लिखी जा रही है।जांच ...