बस्ती, अगस्त 6 -- बस्ती। जिले में शिक्षामित्र के रूप में कार्य करने के बाद सहायक अध्यापक बने शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का मामला बुधवार को विधान परिषद में गूंजा। विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने नियम-115 के तहत यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी अस्थायी कर्मचारी के नियमित होने पर उसकी पूर्व अस्थायी सेवा अवधि को भी कुल सेवाकाल में जोड़ा जाना चाहिए।ऐसे में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों की पूर्व सेवा को भी पेंशन के लिए मान्यता मिलनी चाहिए। एमएलसी ने सदन को बताया कि प्रदेश के 47 जिलों में पात्र शिक्षकों से विकल्प पत्र जमा कराए जा चुके हैं, जबकि 28 जिलों में यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते जीपीएफ कटौती शुरू नहीं हो पाई ...