नई दिल्ली, जुलाई 5 -- यूपी की असली ताकत सिर्फ बड़े शहरों में नहीं है, बल्कि यह ताकत गांवों, कस्बों, और छोटे वर्कशॉप में भी दिखती है। कहीं ताला बनता है, कहीं पीतल का काम होता है, कहीं चिकनकारी होती है, कहीं काला नमक चावल की खुशबू है, कहीं लकड़ी के खिलौने हैं और कहीं मिट्टी के बर्तन हैं। यही लोकल हुनर यूपी की बड़ी पहचान है। पहले कई कारीगर अच्छा काम करते थे, लेकिन उनके प्रोडक्ट को बड़ा मार्केट नहीं मिलता था। पैकेजिंग कमजोर होती थी, ब्रांडिंग नहीं होती थी, ऑनलाइन सेल की जानकारी कम होती थी और कई बार बिचौलियों के कारण कारीगर को सही दाम भी नहीं मिल पाता था। ओडीओपी यानी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट ने इसी लोकल हुनर को नई पहचान देने की कोशिश की है। इसका आइडिया आसान है कि हर जिले की एक खास पहचान हो और उस प्रोडक्ट को ट्रेनिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, फा...