हाथरस, जून 20 -- हाथरस। रंगमंच अभिव्यक्ति और जनसंचार का सरलतम व प्रभावी माध्यम है, हरिश्चंद्र और श्रवण कुमार केवल दो नाटकों ने मोहनदास को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी बनाया था। आज भी नाटक समाज का आइना है। नई पीढि को इसके महत्व को समझना होगा। संगीत नाटक अकादमी के इस नाट्य प्रशिक्षण से रंगमंच के साथ साथ ओटीटी प्लेटफार्म और टीवी सीरियल्स में हाथरस के बच्चे बनाएंगे अब अपना कैरियर बना सकेंगे। संगीत नाटक अकादमी संस्कृति विभागलखनऊ द्वारा ब्रज संस्कृति केन्द्र, हाथरस के सहयोग से हाथरस में 15 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण शिविर के मुख्य प्रशिक्षक व अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोकनाट्यविद आचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवंशी शास्त्री ने प्रशिक्षण के उद्देश्य व प्रारूप पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षणार्थियों का उत्साह वर्धन किया। इससे पूर्व अतिथियों ने माँ सरस्वती की छ...