नई दिल्ली, अगस्त 5 -- सुप्रीम कोर्ट बुधवार को 'ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने और उसके नियमन से जुड़े कानून' को चुनौती देने वाली याचिकाओं के समूह पर अंतिम सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया। यह कानून 2026 में लागू हुआ था। शीर्ष अदालत 'सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी एंड सिस्टमिक चेंज' (सीएएससी) द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए भी सहमत हो गई। याचिका में केंद्र सरकार को ऐसे ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जो कथित तौर पर सोशल और ई-स्पोर्ट्स गेम की आड़ में चल रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सहित सभी पक्षों के वकीलों से कहा कि वे इस बीच अपनी दलीलें और कागजी कार्रवाई पूरी कर लें। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान, सीएएससी की ओर से पेश व...