नोएडा, जून 27 -- ग्रेटर नोएडा, सीएल मौर्य। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं करने वाले बिल्डरों और विकास प्राधिकरणों से 25 हजार रुपये विलंब शुल्क वसूलेगा। यही नहीं, परियोजना की अनुमानित लागत का पांच फीसदी तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। गौतमबुद्ध नगर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में 76 ऐसी परियोजनाएं चिह्नित की गई हैं, जिनके बिल्डरों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट रेरा के वेब पोर्टल पर अब तक अपलोड नहीं की है। रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े बिल्डरों के लिए यह अनिवार्य है कि वे प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद अपनी परियोजनाओं के खातों का ऑडिट कराएं और वित्तीय वर्ष समाप्त होने के छह महीने के भीतर वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट यूपी रेरा की वेबसाइट पर अपलोड करें। इससे यूपी-रेरा परि...