नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- दिन रात ऑटो चलाकर परिवार का पेट पालने वाले यल्लप्पा पादसाली के दिल में इन दिनों एक बड़ी खुशी भी है और एक दुख भी। खुशी इस बात की है कि उनकी बेटी के बाद बेटे ने भी नीट यूजी परीक्षा अच्छी रैंक के साथ क्रैक कर एमबीबीएस सीट हासिल कर ली है। लेकिन ये खुशी अपने साथ एक चिंता भी लेकर आई है। कर्नाटक के कोप्पल की ट्विन सिटी भाग्यनगर के रहने वाले यल्लप्पा पादसाली को चिंता है कि जिस मेडिकल शिक्षा तक पहुंचने का सपना उन्होंने बेटे की आंखों में देखा था, उसकी फीस आखिर कैसे जुटाई जाएगी। एमबीबीएस कर रही बेटी की पढ़ाई के लिए वह पहले ही कर्ज ले चुके हैं जिसे वह धीरे धीरे चुका रहे हैं। बेटे मंजूनाथ पादसाली ने NEET 2026 में 561वीं रैंक हासिल कर ली। उन्हें मैसूरु के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट भी मिल गई। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी क...