पूर्णिया, फरवरी 27 -- परिवहन विभाग के ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर लगे ऑटोमेशन मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही डीएल प्राप्त करने के अभ्यर्थी को अब ऑटोमेशन मशीन की टेस्ट से गुजरना पड़ रहा है। इन्टरनेट से मशीन का संचालन होने से टेस्ट की मॉनिटरिंग विभाग की ओर से हो रही है। इसके लिए टेस्टिंग ट्रैक परिसर में दर्जन भर से ऊपर सेंसर युक्त कैमरे एवं एक स्थान पर ट्रैफिक सिग्नल लगाया है। जिस वाहन से टेस्ट लिया जाता है, उसमें सेंसर रखा जाता है। जिससे वाहन के सेंसर का कनेक्शन कैमरे में लगे सेंसर से कनेक्ट किया जा सके। इन्टरनेट से ऑटेमेशन मशीन से जुड़े होने के कारण टेस्ट का ऑनलाइन एक्सेस किया जाता है। सेंसर के कारण टेस्ट पास करने के लिए निर्धारित अंक को मैन्यूअली बढ़ाना और घटाना संभव नहीं है। -तीन दिन लिया जाता है टेस्ट: -ऑटोमेशन मशीन को फ...
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