चेन्नई, अक्टूबर 7 -- मद्रास हाईकोर्ट ने FCRA रजिस्ट्रेशन से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान धर्म और विदेशी फंडिंग को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई कट्टरपंथी हिंदू संगठन 'घर वापसी' जैसी गतिविधियों में शामिल होता है, तो उसे भी FCRA के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं दिया जा सकता। इसी दौरान बेंच ने मुस्लिम और ईसाई धर्मों समेत अब्राहमिक धर्मों की प्रकृति को लेकर भी टिप्पणी की और भारत के बहुलतावादी स्वरूप का जिक्र किया। दरअसल मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कोडाइकनाल स्थित 'जेन मेडिटेशन सेंटर' चलाने वाले कान्जिओन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट का FCRA रजिस्ट्रेशन देने से इनकार किया गया था। कोर्ट ने धार्म परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों और विदेशी फंडिंग को लेकर कई अहम टिप्पणियां कीं। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के...