हापुड़, सितम्बर 10 -- ब्रजघाट। भइया जिंदा वापस आ गए... आप अब क्या पूछ रहे हो। रात में जब चारों ओर पानी पानी हो और नाव बहे जा रही हो तो क्या लगेगा, बस ऐसे मानों की मौत सिर पर खड़ी है और पानी में जिंदगी बहे जा रही है। वे चार घंटे हम जिंदगी में कभी नहीं भूल पाएंगे। यह बातें करीब चार घंटे तक गंगा की जलधारा में मोटर वोट के में सवार टापू पर फंसे श्रद्धालुओं ने बयां किया। उन्होंने बताया कि नेपाल की बाढ़ टीवी पर देखने के बाद जीवन में यह पल हम भूल नहीं पा रहे हैं। हमें तो ऐसा लगा कि बस अब पता नहीं क्या होगा। एक मात्र गंगा मैया का सहारा और जल हाथ में लेकर बार बार उसका ही नमन कर रहे थे। पुरोहित का नंबर याद आया तो कॉल की। यह भी पढ़ें- अंधेरी रात, चारों तरफ पानी.. टापू पर अटकी चार जिंदगियांपुरोहितों की सूझबूझ से बचे सभी लोग टापू पर मोटरबोट फंसने और चा...