मुरादाबाद, मार्च 28 -- पंद्रह साल पुराने बहुचर्चित मैनाठेर कांड में शनिवार को अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी 16 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे-दो कृष्ण कुमार की अदालत ने तत्कालीन डीआईजी पर जानलेवा हमला करने, सरकारी पिस्टल लूटने और पुलिस चौकी में आगजनी के मामले को जघन्य श्रेणी का माना। कोर्ट ने दोषियों पर 55-55 हजार का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के तुरंत बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया। 6 जुलाई 2011 को हुए मैनाठेर कांड में कानूनी प्रक्रिया बीती 23 मार्च को ही निर्णायक मोड़ पर आ गई थी, जब एडीजे-दो की अदालत ने सुनवाई पूरी कर 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। दो अन्य आरोपी (रिजवान और फिरोज) उस समय फरार थे, जिन्हें पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेजा। शनिवार को कड़ी सुरक्ष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.