विधि संवाददाता प्रयागराज, सितम्बर 11 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 यानी एससी-एसटी एक्ट के तहत पीड़ितों को दी जाने वाली आर्थिक राहत राशि से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए न सिर्फ पीड़ितों के अधिकारों की पुष्टि की, बल्कि इस बहुचर्चित योजना के संभावित दुरुपयोग को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में जांच के आदेश भी दिए हैं। झांसी के अरविंद कुमार व दो अन्य और संतोष कुमार धोहरे की आपराधिक अपीलों की सुनवाई करते हुए दिया है। दोनों मामले झांसी की विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट, अत्याचार निवारण) अदालत के 23 जुलाई 2024 के फैसले के खिलाफ दाखिल किए गए थे। दरअसल कोर्ट की संज्ञान में आया की एक परिवार को 23 लाख से अधिक का मुआवजा दिया गया है।समाज कल्याण अधिकारी पर मनमानी का आरोप पहला मामला ...