नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से उस याचिका पर विचार करने को कहा जिसमें राज्य बार काउंसिल की कानूनी सदस्य संख्या बढ़ाने की मांग की गई है। अभी 'एडवोकेट्स एक्ट' के तहत इसमें अधिकतम 25 सदस्य हो सकते हैं। न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वकील रोहित पांडे की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। पांडे ने दशकों में वकीलों की संख्या में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए स्टेट बार काउंसिल की मौजूदा सदस्य संख्या को अपर्याप्त बताते हुए चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया है कि 25 सदस्यों की सीमा तब तय की गई थी जब 1961 में 'एडवोकेट्स एक्ट' लागू हुआ था। तब से कई स्टेट बार काउंसिल के वोटरों (वकीलों) की संख्या कई गुना बढ़ गई है। जस्टिस बागची ने कहा कि हम न्यायिक सीमाओं के बारे में अच्...