मथुरा, अप्रैल 5 -- यमुना में सीधे गिरते हुए नालों के पानी को टैप करने एवं एसटीपी प्लांट के माध्यम से शोधन किए जाने को लेकर नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत एसबीआर टेक्नोलॉजी बेस से गोकुल बैराज, छाता, सुनरख और कोसी में बड़े स्तर के एसटीपी प्लांट तैयार किये जा रहे हैं। याचिकाकर्ता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने उक्त प्लांटों के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। आपको बता दें कि यमुना में सीधे गिरते हुए नालों के पानी को टैप करने एवं एसटीपी प्लांट के माध्यम से शोधन किए जाने को लेकरबताते चलें कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत एसबीआर टेक्नोलॉजी बेस से मथुरा के गोकुल बैराज छाता सुनरख और कोसी में बड़े स्तर के एसटीपी प्लांट तैयार किये जा रहे हैं। लगभग 2 वर्ष की अवधि में तैयार होकर शुरू किए जाने को लेकर लगातार इस परियोजना से जुड़े अधिकारी प्रयास कर रहे हैं। मा...