सीतामढ़ी, जून 6 -- सक्षम वर्मा सीतामढ़ी। पुलिस महकमे में लापरवाही पर आखिरकार गाज गिर ही गई। नानपुर (बोखरा) थाना में दर्ज जमीन संबंधित धोखाधड़ी के एक मामले की जांच करीब दो वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही। समीक्षा के दौरान जब इस गंभीर चूक का खुलासा हुआ, तो विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनुसंधानकर्ता दारोगा प्यारे लाल को निलंबित कर दिया।

जांच का विवरण कांड संख्या-274/22 में दर्ज इस मामले में धारा 420/120(बी)/34 भादवि के तहत जांच चल रही थी। लेकिन जांच की रफ्तार इतनी सुस्त रही कि दो साल बीतने के बावजूद न तो केस में कोई ठोस प्रगति हुई और न ही नियमित केस डायरी ही संधारित की गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित दारोगा ने वरीय अधिकारियों के निर्देशों को भी नजरअंदाज किया। कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही और अनुसंधान में अनावश्यक विलं...