कौशाम्बी, मई 21 -- महाराजा उदयन और वासवदत्ता की अमर प्रेम कथा की गवाह रही दोआबा की धरती इन दिनों प्रेम के विकृत रूप से कराह रही है। कम उम्र के प्रेमी माता-पिता की ममता और घर की दहलीज छोड़कर नई दुनिया बसाने निकल रहे हैं। वे इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि कानून के शिकंजे में फंसने के बाद उनके चरित्र पर अपराध का ऐसा दाग लगेगा, जिसे धोना नामुमकिन होगा। चिंताजनक बात यह है कि बालिगों को भी सामाजिक मर्यादाओं की परवाह नहीं रह गई है। प्रेम आपसी स्वीकृति का माध्यम नहीं, बल्कि विद्रोह और अपराध का जरिया बनता जा रहा है। जिले का पुलिस रिकॉर्ड ऐसे चौंकाने वाले आंकड़ों से भरा पड़ा है, जहां आए दिन प्रेम-प्रसंग और किशोरों के घर से भागने के मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। आपके अपने प्रिय अखबार हिन्दुस्तान ने गुरुवार के अंक में इस गंभीर सामाजिक समस्या को 'उदयन-वासव...