रुडकी, मार्च 14 -- एसएसडीपीसी गर्ल्स कॉलेज में आईआईटी के सहयोग से आयोजित बौद्धिक संपदा अधिकार जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को नवाचार और अपने मौलिक विचारों को सुरक्षित रखने के तरीके बताए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर प्राचार्या डॉ. अनुपमा गर्ग ने कहा कि आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग से छात्राओं में शोध और रचनात्मकता की भावना प्रबल होती है। यह उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक सशक्त माध्यम है। मुख्य वक्ता आईआईटी की रिसर्च ऑफिसर डॉ. उषा शर्मा ने छात्राओं को पेटेंट दाखिल करने की बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने आईपी सर्च (बौद्धिक संपदा खोज) पर जोर दिया। बताया कि कैसे किसी नए विचार को व्यवस्थित ढंग से खोजकर उसे कानूनी रूप से सुरक्षित किया जा सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.