मुरादाबाद, जनवरी 24 -- मुरादाबाद। प्रसव व इसके बाद नवजात शिशुओं की हो जाने वाली मौत का कलंक मिटाने के लिए गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), आशा कार्यकत्रियों द्वारा होम विजिट करके जच्चा-बच्चा की सेहत पर नजर रखने समेत कई उपायों को अमल में लाया जा रहा है। जन्म लेने के बाद नवजात की तबियत बिगड़ जाने से मौत होने का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। मंडलीय जिला महिला अस्पताल जहां नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) संचालित हो रही है वहां भी उपचारित शिशु की मौत होने के मामले सामने आ जाते हैं। नवंबर के पहले हफ्ते से दिसंबर के पहले हफ्ते के बीच एसएनसीयू में उपचारित हो रहे सात नवजातों की मौत होने हो गई थी। जिसके बाद शासन के दिशा-निर्देशों के दृष्टिगत अस्पताल प्रशासन ने एसएनसीयू में स्थापित वार्मर आदि उपकरणों का कैलिब्रेशन तत्परता के साथ कराया।...