वाराणसी, अगस्त 12 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के सिविल खंड में लंबित शिकायतों की लंबी सूची है। उनमें अधिशासी अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता तक की गर्दन फंसी है। वहीं, राज्य सूचना आयोग में केस की पैरवी करने वाले विभागीय वकील को 59 गुना ज्यादा भुगतान करने के प्रकरण में एसई वेदप्रकाश कौशल और एक्सईएन अनिरुद्ध चौरसिया के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि, सिविल खंड के तत्कालीन मुख्य अभियंता सचिन अग्रवाल की जांच रिपोर्ट में दोनों अभियंता दोषी पाए गए थे।

जांच रिपोर्टजांच पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल के निर्देश पर हुई थी। सूत्रों ने बताया कि मुख्य अभियंता ने जांच रिपोर्ट पांच महीने पहले डिस्कॉम मुख्यालय को सौंप दी थी लेकिन आरोपी अभियंताओं ने रिपोर्ट एमडी कैंप कार्यालय तक पहुंचने ही नहीं दी। गंभीर प्...