प्रयागराज, अगस्त 18 -- प्रयागराज, संवाददाता। एसआरएन अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग ने न्यूरो इंटरवेंशन के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। विभाग की डॉक्टरों की टीम ने पहली बार एंडोवेस्कुलर तकनीक से डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) करके 45 वर्षीय महिला को नया जीवन दिया।डॉक्टरों के अनुसार (डीएसए) मेडिकल इमेजिंग तकनीक है, जिसका उपयोग रक्त वाहिकाओं को देखने के लिए किया जाता है। मरीज के मस्तिष्क में अचानक होने वाले रक्तस्राव, जिसे सब-अरैक्नॉइड हेमरे कहा जाता है, का एक प्रमुख कारण मस्तिष्क की रक्त वाहिका में बनी गुब्बारे नुमा गांठ यानी एन्यूरिज्म का फटना होता है। ऐसी स्थिति में मरीज को अचानक असहनीय सिरदर्द, उल्टी, लकवा व बेहोशी जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। यह भी पढ़ें- एसआरएन में पहली बार ब्रेन की हुई डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी...