प्रयागराज, सितम्बर 27 -- प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल में किडनी व मूत्राशय की पथरी तोड़ने वाली लिथोट्रिप्सी मशीन छह माह से खराब होने से मरीज निजी अस्पताल में इलाज व ऑपरेशन कराने को मजबूर हैं। लगभग 2.50 करोड़ की मशीन को सही कराने में नौ लाख रुपए का खर्च आएगा। इस मशीन से किडनी की पथरी को तोड़ने के लिए लेजर तकनीक का उपयोग किया जाता है। इसलिए बेहतर तकनीक के साथ बिना चीर-फाड़ के किडनी की पथरी का इलाज करने को अस्पताल में यह मशीन लगाई गई थी, उम्मीद थी कि मरीजों का दर्द कम होगा, मगर अस्पताल की लचर व्यवस्था ने मरीजों की पीड़ा बढ़ाई हुई है। अस्पताल में मशीन के जरिए मरीजों के किडनी स्टोन तोडने का खर्च एक बार में 10 हजार और दूसरी बार पांच हजार रुपए लगता है। वहीं निजी अस्पताल में एक बार किडनी स्टोन तोडने का खर्च 40 से 50 हजार रुपये है। वहीं पथरी के साइज के हि...