गुड़गांव, जून 10 -- गुरुग्राम, गौरव चौधरी। हरियाणा में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभियान शुरू किया है। इस बार नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। जांच के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। इसे पते या जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जाएगा। एसडीएम (बादशाहपुर) संजीव सिंगला ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता ने दस्तावेज के तौर पर केवल आधार कार्ड जमा किया है, या उनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई जाती हैं, तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। ऐसे मतदाताओं को अपनी उम्र और पते की पुष्टि के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने होंगे।

चुनाव आयोग की पिछली एसआईआर चुनाव आयोग के अनुसार हरियाणा में आखिरी बार वर्ष 2002 में एसआईआर आय...