कुशीनगर, अप्रैल 12 -- पडरौना, निज संवाददाता।छह महीने चले एसआईआर के बाद शुक्रवार को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हुआ तो उसके बाद से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा ने इसे फर्जी वोटों पर चोट और साफ-सुथरी मतदाता सूची बताया है तो विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कहा कि साजिश के तहत व्यापक स्तर पर मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिससे वे चुनाव में मतदान करने से वंचित हो जाएंगे। इसे लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों ने शनिवार को हिन्दुस्तान के समक्ष अपनी बात रखी।---एसआईआर में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बरती गई है। ऐसे लोग जिनका नाम एक से अधिक जगह की मतदाता सूची में था और मतदान के अधिकार का अनुचित प्रयोग करते थे, उनका नाम कटा है। अब जो अंतिम मतदाता सूची बनी है, वह पूरी तरह शुद्ध है। कोई कमी नहीं है। जिनके नाम सूची नहीं हैं, व...