नई दिल्ली, जुलाई 1 -- जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने बुधवार को आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मुस्लिम समुदाय के लोगों को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। मौलाना मदनी ने कहा कि यदि मतदान जैसा संवैधानिक अधिकार सरकारी विवेक पर निर्भर हो जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है। संगठन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, लाखों नागरिक सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, विभिन्न दस्तावेज जमा कर रहे हैं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, फिर भी उन्हें इस बात का भरोसा नहीं है कि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहेगा। यह भी पढ़ें- एसआईआर की आड़ में मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा: अरशद मदनी मदनी ने विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) ...