धनबाद, जुलाई 9 -- धनबाद, प्रमुख संवाददाता। धनबाद में एसआईआर को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर बीएलओ तक ने ताकत झोंक दी है। लगातार प्रयास के बावजूद एसआईआर फॉर्म के डिजिटाइजेशन की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। धनबाद में बीएलओ के सामने बड़ी समस्या ऐप का धीमी गति से काम करना है। शाम ढलने के बाद ऐप बहुत धीमी गति से काम करता है। चाहकर भी बीएलओ अधिक फॉर्म अपलोड नहीं कर पा रही हैं। जिले में 2372 बीएलओ और 1700 वॉलेंटियर को एसआईआर में लगाया गया है। बीएलओ के जिम्मे डोर-टू-डोर एसआईआर फॉर्म वितरण करना है। बीएलओ के लिए बड़ी परेशानी एक बार में सभी फॉर्म उपलब्ध नहीं होना भी है। एक बीएलओ को पहले चरण में 300 फॉर्म दिए गए हैं, जिसमें कई ऐसे परिवार हैं, जिनके आधे सदस्य के नाम पहले के फॉर्म हैं, लेकिन आधे सदस्य के नाम आगे मिलने वाले फॉर्म में प्रिंट होक...