नई दिल्ली, फरवरी 27 -- रमजान की ईद हो या होली का उत्सव, कोई भी त्योहार घर की महिलाओं के शृंगार के बिना पूरा नहीं माना जाता है। भारत में त्योहारों से पहले हाथ-पैरों पर मेहंदी-आल्ता लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है। महिलाओं के इस शृंगार का संबंध सौभाग्य और शुभता से जुड़ा हुआ माना जाता है। लेकिन त्योहार की रौनक उस समय फीकी पड़ जाती है, जब बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक कलर्स और केमिकल वाली मेहंदी- आल्ता स्किन एलर्जी का कारण बनने लगते हैं। अगर आप भी कई बार केमिकल के डर से अपनी परंपराओं से समझौता करने लगते हैं, तो अब ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप अपनी स्किन को सॉफ्ट और खूबसूरत बनाए रखते हुए घर पर ही रसोई में मौजूद कुछ चीजों से बड़ी आसानी से आल्ता तैयार कर सकती हैं। जो आपको बिना किसी साइड इफेक्ट के बाजार जैसा लाल सुर्ख रंग देगा। आइए जानते है...