लखनऊ, मार्च 23 -- लखनऊ, संवाददाता। लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत अंतरराष्ट्रीय छात्र-छात्राओं को स्नातक चतुर्थ वर्ष में दाखिले के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तय 7.5 सीजीपीए के नियम में छूट दी जा सकती है। इस संबंध में विवि के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक ने कुलपति को एक पत्र भेजकर चौथे वर्ष में प्रवेश के लिए निर्धारित सीजीपीए 7.5 की अनिवार्यता हटाने का अनुरोध किया है। जिस पर 28 मार्च को प्रस्तावित विद्या परिषद की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. रवीन्द्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को चार वर्षीय स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया गया है और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) की ओर से उन्हें चार वर्षों के लिए छात्रवृत्ति भी स्वीकृत है। लेकिन बाद में यह शर्त लागू ...
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