लखीसराय, मार्च 18 -- कजरा, एक संवाददाता। एलपीजी गैस की किल्लत ने लोगों को फिर से पुराने पारंपरिक तरीकों की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया है। गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के कारण कई घरों में अब चूल्हे जलने लगे हैं, जिससे गांव और कस्बों में सुबह-शाम धुएं का नजारा आम हो गया है। गैस की कमी को देखते हुए लोग बड़ी मात्रा में जलावन लकड़ी जमा करने लगे हैं। जंगलों, खाली जमीनों और बाजारों से लकड़ी लाकर लोग अपने घरों में स्टॉक कर रहे हैं, ताकि भविष्य में खाना बनाने में परेशानी न हो। इससे स्थानीय बाजारों में लकड़ी की मांग और कीमत दोनों बढ़ गई हैं। इसी बीच इलाके में लकड़ी चोरी की घटनाओं की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। कई लोगों का कहना है कि उनके घरों या आंगन में रखी लकड़ियां रात के समय गायब हो जा रही हैं। हालांकि इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि कम ही हो पाई है...