नई दिल्ली, जुलाई 17 -- एलन मस्क की टेस्ला जब तक भारतीय बाजार में नहीं आई थी, तब तक इसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। हालांकि, टेस्ला अब बाजार में 1 साल का सफर तय कर चुकी है। इस 1 साल के दौरान इसकी सेल्स का आंकड़ों में सिर्फ निराशा ही नजर आ रही है। दरअसल, टेस्ला भारतीय बाजार में इस 1 साल के दौरान 500 से भी कम इलेक्ट्रिक कार बेच पाई। इससे पता चलता है कि ब्रांड की ग्लोबल पॉपुलैरिटी के बावजूद भारत के प्रीमियम कार मार्केट में जगह बनाना कितना मुश्किल है। टेस्ला ने 15 जुलाई, 2025 को भारत में एंट्री की थी। वहीं, सितंबर से 'मॉडल Y' की डिलीवरी शुरू की। तब से लेकर जून 2026 तक कंपनी ने 450 कारें बेचीं, यानी हर महीने औसतन 50 से भी कम गाड़ियां बिकीं। चौंकाने वाली बात ये है कि जर्मन लग्जरी कार कंपनियों के मुकाबले ये आंकड़े काफी कम हैं। मनीकंट्रोल द...