लखनऊ, फरवरी 19 -- एलडीए ने अपनी रजनीखंड में योजना में धर्मेंद्र सिंह को भूखंड संख्या 5/380 आवंटित किया। वह 20 वर्ष तक मकान की किस्त जमा करते रहे। सारी किस्त चुकाकर जब रजिस्ट्री कराने प्राधिकरण पहुंचे तो पता चला कि इस नंबर का भूखंड ही नहीं है। यह भूखंड लेआउट में मिसिंग है। यह सुनते ही उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। गुरुवार को एलडीए में लगी जनता अदालत में पहुंचे धर्मेंद्र बहुत घबराए व परेशान दिखे। बोले अब क्या करें कुछ समझ में नहीं आ रहा है। यह अकेले यही नहीं, इनके जैसे कई लोग अपनी फरियाद लेकर यहां पहुंचे और अफसरों को अपनी पीड़ा सुनाई। तमाम लोगों की समस्याओं का समाधान भी हुआ। एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा और सीपी त्रिपाठी ने लोगों की समस्याएं सुनीं। सचिन के मकान की रजिस्ट्री उनके बहनोई के नाम कर दी जनता अदाल...