जमशेदपुर, मई 20 -- अंतरिक्ष और विमानन क्षेत्र में बढ़ते तापमान व गति की चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत सामग्रियों का विकास अब समय की मांग बन चुका है। इसी दिशा में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी जमशेदपुर के धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग ने सोमवार को द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन का मुख्य फोकस एयरोस्पेस क्षेत्र में सिरेमिक कम्पोजिट्स की भविष्य संभावनाओं पर रहा। आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर राहुल मित्रा ने कहा कि जिरकोनियम डाइबोराइड और हैफ्नियम डाइबोराइड जैसे अल्ट्रा हाई टेम्परेचर सिरेमिक्स आने वाले समय में एयरोस्पेस घटकों की रीढ़ बनेंगे। ये सामग्रियां रॉकेट नोजल, हाइपरसोनिक विमानों के अग्र भाग और गैस टरबाइन घटकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इनमें उत्कृष्ट ऑक्सीकरण प्रतिरोध, बेहतरीन तापीय...