नई दिल्ली, अगस्त 10 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार का कहना है कि सरकार की ऐसी कोई सीधी नीति नहीं है जो बड़े एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनियों को एयरलाइंस में हिस्सेदारी लेने से रोकती हो। सोमवार को राज्यसभा में लिखित सवाल के जवाब में सरकार की तरफ से कहा गया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत तैयार किए गए कुछ एयरपोर्ट के करारों में एयरलाइंस और उनकी सहयोगी कंपनियों द्वारा शेयर हासिल करने पर शर्तें लागू होती हैं। ​राज्यसभा में सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास एयरपोर्ट और एयरलाइंस की क्रॉस-ओनरशिप समेत कई बिंदुओं को लेकर सवाल पूछे गए, जिसके जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एयरपोर्ट और एयरलाइंस की क्रॉस-ओनरशिप को लेकर स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि सरकार की ऐसी कोई सीधी नीति नहीं है जो बड़े एयरपोर्ट चलाने वाली...