मोतिहारी, अप्रैल 27 -- ​रक्सौल,एसं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सामरिक महत्व रखने वाले रक्सौल हवाई अड्डे का विस्तार प्रोजेक्ट की गति फिलहाल कागजी उलझनों व मुआवजे के विवाद के बीच बेहद धीमी होगयी है। प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद जमीन अधिग्रहण की रफ्तार बेहद सुस्त है, इससे इस 'ड्रीम प्रोजेक्ट' के धरातल पर उतरने की उम्मीदें दूर की कौड़ी साबित हो रही है। ​हवाई अड्डा विस्तार के लिए प्रस्तावित 139 एकड़ भूमि के अधिग्रहण में सबसे बड़ी बाधा पनटोका पंचायत का भरतमही गांव बना हुआ है। यहाँ मुआवजे की दरों में विसंगति को लेकर रैयतों में गहरा आक्रोश है। दरअसल, एक ही पंचायत के भीतर भूमि की कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर है। जहां पंचायत के अन्य हिस्सों में भूमि की दर 15 लाख रुपये प्रति कट्ठा तक है, वहीं भरतमही में इसे मात्र 4.71 लाख रुपये तय किया गया है। 'घरायश...