गोरखपुर, जुलाई 25 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। एम्स ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में जानलेवा बीमारी जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पर मिली सफलता को दस्तावेजी रूप देने की पहल शुरू की है। इसकी जिम्मेदारी एम्स के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन (सीएफएम) विभाग को मिली है। विभाग की ओर से शुक्रवार को आयोजित बैठक में चार जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों, विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता मंडल के संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. अरुण गर्ग ने की। एम्स की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता मुख्य अतिथि रहीं। कार्यकारी निदेशक ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में जेई-एईएस की कहानी अब केवल संघर्ष नहीं बल्कि बहु-क्षेत्रीय समन्वय और जनस्वास्थ्य की उल्लेखनीय सफलता का उदाहरण बन चुकी है। ...