एम्स में पहली बार गर्भस्थ शिशु को चढ़ाया गया ब्लड, बची जान
गोरखपुर, मई 12 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने मातृ एवं भ्रूण चिकित्सा (मैटरनल फेटल मेडिसिन ) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार गर्भ में पल रहे शिशु को गर्भ के भीतर ही रक्त चढ़ाकर उसकी जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। यह अत्याधुनिक प्रक्रिया इंट्रायूटेराइन ट्रांसफ्यूजन (इंट्रॉटेरिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन ) को सफलतापूर्वक सम्पन्न की है। वर्तमान में माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों स्वस्थ हैं। कुशीनगर जनपद की रहने वाली यह महिला चौथी बार गर्भवती थीं। लेकिन मातृत्व का सफर उनके लिए बेहद कठिन रहा। आरएच इसोइम्युनाइज़ेशन नामक गंभीर स्थिति के कारण उनकी पिछली गर्भावस्थाओं में गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु हो चुकी थी और अब तक उनकी कोई जीवित संतान नहीं थी। इस बार भी गर्भधारण उनके परिवार के लिए उम्मीद ...
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