सोनभद्र, अप्रैल 3 -- म्योरपुर, हिंदुस्तान संवाद। सिंगरौली परिक्षेत्र में वायु और जल गुणवत्ता के साथ स्वास्थ्य का तुलनात्मक अध्ययन की रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने जिला प्रशासन के वादे और किए जा रहे प्रयास को स्वीकार किया है। अगली सुनाई जुलाई में करने का फैसला लिया है। सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी द्वारा दायर जनहित याचिका की एक अप्रैल को सिंगरौली परिक्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराते हुए अधिवक्ता सृष्टि अग्निहोत्री और संजना ने एनजीटी को अवगत कराया। बताया कि एम्स भोपाल की अध्ययन रिपोर्ट बताती है कि क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों के मनमानी और नियमों की अनदेखी के कारण बच्चों से लेकर वयस्कों और बुजुर्गों में स्वास्थ्य की गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। ऐसे में जो लोग प्रदूषण से पीड़ित हो बीमार है, उन्हें इलाज के लिए मुआवजा मिलना चाहिए। कहा कि आज तक ...