रिषिकेष, अप्रैल 28 -- दार्शनिक विचारक और लेखक आचार्य प्रशांत ने मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में आयोजित विशेष संवाद सत्र में युवा चिकित्सकों, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने मनोविज्ञान, जीवन के उद्देश्य, लैंगिक पहचान और अध्यात्म जैसे जटिल विषयों पर स्पष्ट और बेबाक विचार रखे। एम्स सभागार में निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह तथा डीन प्रोफेसर सौरभ वार्ष्णेय ने आचार्य प्रशांत को अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। छात्रों और डॉक्टरों के बीच सत्र की शुरुआत एक खुली बातचीत से हुई। युवा भावी चिकित्सकों के एक पैनल ने आचार्य प्रशांत से सीधे सवाल पूछे, जिससे चिकित्सा और दर्शन के बीच एक जीवंत संवाद देखने को मिला। जीवन के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने प्रचलित धारणाओं को चुनौती दी। उनका कहना है कि लोग जिस उद्देश्य की तलाश क...