लखनऊ, सितम्बर 7 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। मध्य प्रदेश और राजस्थान के कॉलेजों की डिग्री लगाकर आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में पंजीकरण कराने वाले निशाने पर हैं। बोर्ड ने ऐसी डिग्रियों के सत्यापन के लिए इन राज्यों के कॉलेजों को पत्र भेजे हैं। अकेले राजस्थान के जयपुर स्थित एनआईए और मध्य प्रदेश के मंदसौर इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के नाम से ही आयुर्वेद बोर्ड में करीब 300 से अधिक पंजीकरण हैं। इन्हें लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

संदिग्ध पंजीकरणों की सूची दरअसल आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के निवर्तमान उपाध्यक्ष डा. शैलेश राय ने इन कॉलेजों की डिग्रियों के इस्तेमाल से हुए कई संदिग्ध पंजीकरणों की सूची बोर्ड के अधिकारियों को मुहैया करायी है। माना जा रहा है कि उनकी शिकायत के बाद ही यह कार्यवाही आरंभ की गई...