नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- पीजीआई लखनऊ में पहली बार रेजिडेंट डॉक्टरों को शोध के लिए दो लाख रुपये तक मदद मिलेगी। इससे रेजिडेंट मरीजों की बीमारियों, जांच और आधुनिक इलाज पर बेहतर शोध कर सकेंगे। संस्थान में शोध संस्थान में यह योजना पहली बार लागू होगी। इसके माध्यम से प्रत्येक वर्ष अधिकतम 200 अनुसंधान परियोजनाओं को सहायता मुहैया करायी जा सकेगी। संस्थान इन्हें हर साल चार करोड़ देगा। इसके अलावा संस्थान में गामा नाइफ के संचालन के लिये चार मेडिकल फिजीसिस्ट और जर्नल हॉस्पिटल में डेंटल सर्जन के नए पदों को मंजूरी मिली है। बुधवार को मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल की अध्यक्षता में हुई पीजीआई की 105वीं शासी निकाय बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पीजीआई के रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजेपई ने बताया कि संस्थान में एमडी, एमएस, डीएम और एमसीएच की पढ़ाई करने वाले ...