जमशेदपुर, अक्टूबर 3 -- एमजीएम अस्पताल में बायो-मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर झारखंड मानवाधिकार सम्मेलन (जेएचआरसी) ने सवाल उठाए हैं। संगठन प्रमुख मनोज मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को अस्पताल के कचरा स्थल का निरीक्षण किया। जेएचआरसी का आरोप है कि बायो-मेडिकल कचरे के साथ आलू-सब्जियों के छिलके भी काले प्लास्टिक में फेंके गए थे। कचरे के पास आवारा कुत्ता भी थैले में मुंह लगाते दिखा। मिश्रा ने कहा कि 26 फरवरी 2026 के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बायो-मेडिकल और सामान्य कचरे का पृथक्करण नहीं हो रहा है। उन्होंने बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के अनुपालन की मांग की। जेएचआरसी ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा को ज्ञापन सौंपकर जांच, कचरे का तत्काल पृथक्करण और हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन की मांग की।

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