लखनऊ, अप्रैल 5 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ी राहत देते हुए बिना किसी गारंटी (कोलेटरल-फ्री) मिलने वाले ऋण की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है। अब 01 अप्रैल या उसके बाद स्वीकृत होने वाले सभी नए लोन और नवीनीकृत होने वाले पुराने ऋणों पर यह नई सीमा लागू होगी।सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्र मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि यह बदलाव मुख्य रूप से क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइज (सीजीटीएमएसई) योजना के अंतर्गत आने वाले ऋणों पर लागू होगा। पहली बार उद्यमिता में कदम रखने वाले लोगों और छोटे व्यवसायियों के लिए क्रेडिट पहुंच को आसान बनाना है। बिना संपत्ति गिरवी रखे अधिक लोन मिलने से छोटे उद्योगों को अपनी कार्यक्षमता ...
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