मेरठ, मई 25 -- भोलेश्वर मंदिर में आयोजित महापुराण श्रीमद्भागवत कथा रविवार को कथावाचक ने भगवान दत्तात्रेय और सुदामा चरित्र का वर्णन किया। कथावाचक पंडित राम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय ने अपने जीवन में 24 गुरु बनाए थे। भागवत में वर्णन है कि शिक्षा गुरु अनेक हो सकते हैं, लेकिन दीक्षा गुरु केवल एक ही होता है। यदि मनुष्य सीखने की इच्छा रखे तो वह कीड़े मकोड़ों से भी शिक्षा ग्रहण कर सकता है। भगवान दत्तात्रेय ने सर्प, बालक, कछुए, मकड़ी और कुंवारी कन्या को भी गुरु बनाया और उनसे जीवनोपयोगी शिक्षाएं प्राप्त कीं。 यह भी पढ़ें- ​श्रीमद् भागवत कथा में सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए श्रद्धालुसुदामा प्रसंग सुदामा प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि संसार में सच्ची मित्रता वही है जो निर्धन और असहाय के साथ निभाई जाए। श्रीकृष्ण भले ही द्वारिका के ...