बोकारो, अगस्त 23 -- एटक नेता लखन लाल महतो ने कहा कि खान और खनिज (विकास एवं विनियम) संशोधन अधिनियम, 2026 में केप्टिव कोयला खदानों के लिए खुले बाजार में बिक्री की मौजूदा 50 प्रतिशत सीमा को हटाने का प्रावधान किया गया है। इसके लागू होने के साथ संबद्ध एंड-यूज प्लांट की जरूरत पुरी के बाद अतिरिक्त कोयले की बाजार में बिक्री का दायरा बढ़ जायगा। इससे कोल इंडिया लिमिटेड के सामने नई चुनौती का सामना करना पड़ेगा। कोल इंडिया पहले से ही कामर्शियल माइनिंग और रेवेन्यू शेयरिंग से उत्पादित कोयला बाजार में आने का सामना कर रहा है। ऐसे में इस अधिनियम के आने से झारखंड सहित कोयला आधारित राज्यों को राजस्व की हानि होगी। यह भी पढ़ें- MMDR कानून के खिलाफ पूरे झारखंड में होगा आंदोलन, सड़कों पर उतरेंगे JMM-कांग्रेस नेता झारखंड को सबसे ज्यादा राजस्व की हानि होगी, हो सकत...