नई दिल्ली, फरवरी 14 -- सुप्रीम कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से उन पैकेटबंद खाद्य उत्पादों पर फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग शुरू करने के सुझाव पर प्रतिक्रिया मांगी है जिनमें चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। न्यायमूर्ति जे. बी. परदीवाला और के. वी. विश्वनाथन की पीठ सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट 3एस एंड अवर हेल्थ सोसाइटी द्वारा दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी। याचिका में केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर अनिवार्य फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल (एफओपीएल) लागू करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। फ्रंट-ऑफ-पैक (एफओपी) लेबलिंग एक सरलीकृत, साक्ष्य-आधारित पोषण-लेबलिंग प्रणाली है जिसे खाद्य पैकेजों के सामने लगाया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को त्वरित, सूचित और हेल्दी खरीदारी का निर्...
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