कानपुर, जनवरी 21 -- कानपुर। कुल हिंद इस्लामिक इल्मी अकादमी की बैठक में एप के माध्यम से डिजिटल सोना खरीदने को गैर शरई बताया गया। उलमा के पैनल ने कहा कि इस तरह की खरीद-फरोख्त में शरीयत के अनुसार नहीं है। इस तरह से मुस्लिम समाज सोने में निवेश न करे और हलाल तरीके से ही खरीदे-बेचे। जमीअत भवन में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में एप के इस्तेमाल और इसके जरिए डिजिटल गोल्ड की खरीद-फरोख्त से जुड़े सवाल पर मुफ्तियों व उलमा के पैनल ने लंबी बहस चली। कहा, नई तकनीक के इस दौर में बचत के नाम पर सोने-चांदी में डिजिटल निवेश और खरीद-फरोख्त शरीयत की शर्तों पर पूरा नहीं उतरता। शरीयत की नजर में यह सही नहीं है। मुसलमानों को चाहिए कि वे निवेश के लिए हलाल और साफ-सुथरे तरीके अपनाएं। इसी तरह एक मसला मस्जिदों में फोम बिछाना और उसके ऊपर चटाई बिछाकर नमाज पढ़ने से संबंधित था। उ...