नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- 5,000 रुपये के भीतर स्मार्टवॉच बाजार अब इतना विकसित हो चुका है कि यह किफायती और लक्जरी के बीच की दूरी को खत्म कर रहा है। इस प्राइस रेंज में मिलने वाली प्रीमियम घड़ियाँ मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर टिकी हैं: डिज़ाइन, डिस्प्ले और ड्यूरेबिलिटी। सबसे पहले, AMOLED तकनीक अब इस बजट में मानक बन गई है, जो न केवल गहरे काले रंग प्रदान करती है, बल्कि बैटरी की भी बचत करती है। दूसरे, बिल्ड क्वालिटी में भारी सुधार हुआ है; प्लास्टिक की जगह अब जिंक अलॉय या स्टेनलेस स्टील केसिंग का इस्तेमाल हो रहा है, जो हाथ में एक 'महंगा' अहसास कराता है। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्मार्ट फीचर्स का है। ब्लूटूथ कॉलिंग अब काफी स्टेबल हो गई है, जिसमें क्लियर माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर मिलते हैं। इसके अलावा, AI वॉयस असिस्टेंट और एडवांस हेल्थ मॉनिटरिंग (...