आजमगढ़, अप्रैल 12 -- आजमगढ़, संवाददाता। जनपद में एनिमिया पीड़ित गर्भवती महिलाओं और किशोरियों की जांच होनी है। जनपद में करीब 17 प्रतिशत महिलाएं एनिमियां से पीड़ित होती हैं। जिसमें करीब सात प्रतिशत की स्थिति गंभीर रहती है। जांच में पता चलने पर समय से उपचार शुरू हो जाता है। जिले की करीब 1.40 लाख गर्भवती महिलाओं और तीन लाख किशोरियों की जांच होनी है। गर्भवती महिलाएं, किशोरियों के एनिमिया से पीड़ित होने से शारीरिक विकास में बाधा हो रही है। बाद में यह पेल्विक इंफेक्शन (पीआईडी) का रूप लेकर बांझपन का कारण बन रहा है। इसके साथ ही महिलाओं में पीआईडी के कारण ही सर्वाइकल कैंसर के संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। 11 से 16 साल की किशोरियां और गर्भवती महिलाएं इससे अधिक प्रभावित हो रही हैं। जनपद में गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अभियान ...