नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- एनसीपी ने शनिवार को पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष और दरार की अटकलों को पूरी तरह से खारिज किया। पार्टी ने कहा कि एनसीपी प्रमुख रहे अजित पवार के निधन के बाद निर्वाचन आयोग के साथ शीर्ष नेताओं के संवाद को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। एनसीपी ने उन आरोपों का भी खंडन किया, जिनमें वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे पर पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था। साथ ही उन अटकलों को भी निराधार बताया गया कि वर्तमान पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार दोनों नेताओं से नाराज हैं। पार्टी प्रवक्ता सूरज चौहान ने बताया कि अजित पवार के समय में भी प्रफुल्ल पटेल के पास कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पार्टी उम्मीदवारों को 'एबी' फॉर्म आवंटित करने का अधिकार था। मालूम हो कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा 16 फरवरी को नि...