लखनऊ, जनवरी 7 -- लखनऊ। प्रमुख संवाददाता लखनऊ में हाईटेक टाउनशिप नीति के विपरीत कार्य करते हुए होम बायर्स के साथ धोखाधड़ी करने वाले अंसल ग्रुप के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने अहम फैसला सुनाया है। इसमें एनसीएलएटी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के पक्ष को स्वीकार किया। ट्रिब्यूनल ने एनसीएलटी को निर्देश दिये हैं कि बिना एलडीए का पक्ष सुने प्रकरण में कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाएगा। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने अंसल ग्रुप को दिवालिया घोषित करते हुए आईआरपी (इंट्रिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल) नियुक्त किया है। इससे अंसल की परियोजनाओं में भूखण्ड, फ्लैट, विला व व्यावसायिक सम्पत्तियों में निवेश करने वाले हजारों निवेशकों की पूंजी फंस गयी है। इनमें कई ऐसे आवंटी हैं, जिन्हें कंपनी ने वर्ष 2009 में भूखण्ड बेचे, लेकिन अब तक कब्जा...